राम का अयोध्या आगमन

सगुन होहिं सुंदर सकल मन प्रसन्न सब केर।
प्रभु आगवन जनाव जनु नगर रम्य चहुँ फेर॥

भावार्थ:-इतने में सब सुंदर शकुन होने लगे और सबके मन प्रसन्न हो गए। नगर भी चारों ओर से रमणीक हो गया। मानो ये सब के सब चिह्न प्रभु के (शुभ) आगमन को जना रहे हैं।

राम -भरत मिलन

रहा एक दिन अवधि कर अति आरत पुर लोग।
जहँ तहँ सोचहिं नारि नर कृस तन राम बियोग॥
भावार्थ:-श्री रामजी के लौटने की अवधि का एक ही दिन बाकी रह गया, अतएव नगर के लोग बहुत आतुर (अधीर) हो रहे हैं। राम के वियोग में दुबले हुए स्त्री-पुरुष जहाँ-तहाँ सोच (विचार) कर रहे हैं (कि क्या बात है श्री रामजी क्यों नहीं आए)।

चीन को लेकर खुशफहमी से बचें नरेंद्र मोदी, 1962 में सैनिकों की कुर्बानी को मत भूलें :: हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 18 सितम्बर 2014

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश कौशिक, राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने एक संयुक्त वार्ता जारी करके चीन के राष्ट्रपति की भारत-यात्रा में अति उत्साह दिखाने से बचने की अपील की है. गौरतलब है कि चीन के राष्ट्रपति अपने तीन दिवसीय भारत-यात्रा पर हैं. इस यात्रा में नरेंद्र मोदी ने अपने पालक-पांवड़े कुछ यूं बिछा दिए हैं, जैसे वह चीन की हकीकत जानते ही न हों. राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कौशिक एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री शर्मा ने कहा है कि चीन के साथ भारत की स्वाभाविक दोस्ती संभव ही नहीं है. न सिर्फ ऐतिहासिक रूप से बल्कि नए वैश्विक परिदृश्य में भी चीन की आर्थिक और सैन्य महत्वाकांक्षा ने भारत के साथ टकराव की स्थिति पैदा कर दी है. हिन्दू महासभा नेताओं ने 1962 के दर्द को याद करते हुए कहा कि जिस प्रकार से सीमा पर हमारे बहादुर सैनिकों का भारी क़त्ल-ए-आम हुआ, उस को भूलना देश के साथ, अपने पूर्वजों के साथ भारी गद्दारी होगी. इसलिए चीन के साथ सामान्य सम्बन्ध ही रखे जाएँ तो बेहतर होगा. वहीं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले जापान दौरे से जो कुछ भी हासिल किया था, उसका प्रभाव चीन के राष्ट्रपति ने अपने भारत दौरे से फीका कर दिया है. भारत को अपने वास्तविक शत्रु और मित्र के बारे में स्पष्ट होना चाहिए. चीन की दबंगई का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इधर उनके राष्ट्राध्यक्ष भारत-यात्रा पर हैं, उधर चीन की सेना सीमा पर घुसपैठ करने में लगी हुई है. चीन के साथ वह ताकतवर होकर ही अपने आत्म-सम्मान की रक्षा कर सकता है न कि उसके सामने चंद पैसों की खातिर झोली फैलाकर. हिन्दू महासभा नेताओं ने नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने अपनी चीन परस्त नीतियों की समीक्षा नहीं की तो हिन्दू महासभा राष्ट्रीय स्तर पर उसका विरोध करेगी.

वीरेश त्यागी
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

माया

फिरत सदा माया कर प्रेरा। काल कर्म सुभाव गुन घेरा॥
कबहुँक करि करुना नर देही। देत ईस बिनु हेतु सनेही॥
भावार्थ:-
माया की प्रेरणा से काल, कर्म, स्वभाव और गुण से घिरा हुआ (इनके वश में हुआ) यह सदा भटकता रहता है। बिना ही कारण स्नेह करने वाले ईश्वर कभी विरले ही दया करके इसे मनुष्य का शरीर देते हैं॥

बुद्धिमान

ताहि कबहुँ भल कहइ न कोई। गुंजा ग्रहइ परस मनि खोई॥
आकर चारि लच्छ चौरासी। जोनि भ्रमत यह जिव अबिनासी॥
भावार्थ:-जो पारसमणि को खोकर बदले में घुँघची ले लेता है, उसको कभी कोई भला (बुद्धिमान) नहीं कहता। यह अविनाशी जीव (अण्डज, स्वेदज, जरायुज और उद्भिज्ज) चार खानों और चौरासी लाख योनियों में चक्कर लगाता रहता है॥

कश्मीर में सेना पर पत्थर बरसाने वाले भारतीय नहीं, राष्ट्रद्रोहियों को कड़ी सजा मिले:: हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, १५ सितम्बर २०१४

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश कौशिक, राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर उन असामाजिक तत्वों की कड़ी निंदा की है, जो भयानक बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के समय भी कुबुद्धि के शिकार हैं. गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में भयानक बाढ़ के चलते अनेकों लोग काल के गाल में समा चुके हैं, वहीं दूसरी ओर लाखों नागरिकों का जीवन खतरे में पड़ गया है. भारत सरकार और भारतीय सेना ने दिन रात एक करके पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाई है, जिसकी तारीफ़ पूरी दुनिया में हो रही है. राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कौशिक एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री शर्मा ने कहा है कि इस कठिन हालात में जहाँ कंधे से कन्धा मिलाकर कश्मीरी लोगों को राहत पहुँचाने की जरूरत है, वहीं कश्मीरियों के दुश्मन इस बात से दुखी हैं कि सेना को बचाव कार्य के लिए क्रेडिट न मिल जाए. राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने कहा कि राष्ट्रद्रोहियों को कश्मीर सहित समस्त भारत में कहीं आसरा नहीं मिलना चाहिए. उन सभी लोगों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए एवं उनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. हिन्दू महासभा नेताओं ने मुक्त कंठ से भारतीय सेना की प्रशंसा करते हुए सम्पूर्ण विश्व में सबसे अधिक मानवीय बताया है, जिसमें सेवा भाव कूट-कूट कर भरा हुआ है. हिन्दू महासभा सेना के सम्मान पर किसी भी प्रकार की गलती को बर्दाश्त नहीं करेगी. केंद्र सरकार तत्काल इस गंभीर विषय पर संज्ञान ले, अन्यथा हिन्दू महासभा राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगी.

वीरेश त्यागी
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री