सावरकर जी एकमात्र भारतीय पहले नेता थे , जिन्होंने यह उद्घोष किया की हिन्दू स्वतः एक राष्ट्र है और उन्हें सूर्य रश्मियों के तले अपना स्थान बनाना चाहिए | धर्मान्तार्ता का अर्थ राष्ट्रन्तार्ता है,|
8 जुलाई 1910 वह स्वर्णिम दिन था, जब भारत की आज़ादी के लिये प्रयत्नशील वीर सावरकर जी को अंग्रेज़ों द्वारा गिरफ्तार कर लिये जाने पर उन्होंने निकल भागने के प्रयास में समुद्र में साहसिक छलांग लगा दी थी और 22 मील तैरकर फ्रांस के तट पर पहुंच गये थे, जहां फ्रांस की धरती पर गैर कानूनी रूप से प्रवेश करके ब्रिटिश सैनिकों द्वारा उन्हें पुनः पकड़ लिया गया। आज उस ऐतिहासिक दिन के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। आइये हम सब उस महापुरुष को आज नमन करें।

पंडित मदन मोहन मालविय जी भारतीय संविधान के चमकते हुए सितारे थे | देश के आधुनिकरण में पंडित जी का योगदान स्मरणीय रहेगा |.... |कुछ और भी
सावरकर जी एकमात्र भारतीय पहले नेता थे , जिन्होंने यह उद्घोष किया की हिन्दू स्वतः एक राष्ट्र है.... |कुछ और भी
भाई परमानन्द जी एक महान हिन्दू राजनैतिक नेता थे | उनके बारे में .... |कुछ और भी |
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