तेहरान में तेल उद्योग से संबन्धित अन्तराष्ट्रीय प्रदर्शनी
तेल रिसाव रोकेगा रोबोट
तो डूब जाएंगे बंगलादेश, इंडोनेशिया, श्रीलंका !
तो डूब जाएंगे बंगलादेश, इंडोनेशिया, श्रीलंका !
सिंगापुर. वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन के आधार पर बताया है कि हिंद महासागर में असमानय रूप से जल स्तर बढ रहा है। जिससे निचले स्तर पर स्थित तटीय देशों बंगलादेश, इंडोनेशिया और श्रीलंका को बडा खतरा हो सकता है।
कोलोराडो विश्वविद्यालय और वायुमंडलीय अनुसंधान के राष्ट्रीय केंद्र एनसीएआर के अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि पर्यावरण में बदलाव के कारण ग्लोबल वार्मिंग बढ रही है। जिससे महासागरों का जल स्तर बढ रहा है। हालिया अध्ययन के आधार पर अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि जल स्तर बढने से बाढ जैसी आपदाएं बढ सकती हैं। जिससे फसलों और रिहाइशी इलाकों को भारी नुकसान हो सकता है।
गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर जल स्तर सामान्य रूप से तीन मिलीमीटर प्रति वर्ष की दर से बढ रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में जीवाश्म ईंधनों को जलाने से पैदा होने वाली कार्बनडाई आक्साइड जैसी ग्रीनहाउस गैसों की
मात्ना बढती जा रही है। जिससे गर्मी बढती जा रही है।
महासागर बडी मात्ना में अतिरिक्त गर्मी को सोख लेते हैं। जिससे उनमें जलस्तर बढ रहा है। उन्होंने बताया कि बढती गर्मी से ग्लेशियरों, ग्रीनलैंड और पश्चिम अंटार्टिका की बर्फ भी पिघल रही है। एनसीएआर के अनुसंधानकर्ता गेराल्ड मीहल ने बताया कि वैश्विक जल स्तर भौगोलिक रूप से असमान रूप से बढ रहा है।
अनुसंधानकर्ताओं की टीम वर्ष 1960 से हिंद महासागर में बढते जल स्तर पर उपग्रह के जरिए नजर रख रही है। इस अध्ययन में अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि विश्व में अन्य स्थानों की अपेक्षा बंगाल की खाडी,अरब सागर, श्रीलंका तथा सुमित्ना एवं जावा के तटीय इलाकों में जल स्तर बढने का अधिक खतरा है।
ओबामा ने भी जताई थी चिंता
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी गत वर्ष शांति के लिए नोबल पुरस्कार प्राप्त करते समय कहा था कि यदि पर्यावरण बदलाव को रोकने के लिए जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया जाता तो दुनिया में बाढ और सूखे जैसी आपदाएं और बढ जाएंगी।