हिन्दी को बढ़ावा देने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
4 सुभाष मार्ग, उत्तराखंड सचिवालय,
चौथा तल नई बिल्डिंग, देहरादून (उत्तराखंड)-248001

विषय :-हिन्दी को बढ़ावा देने की मांग।

महोदय,
उत्तराखण्ड के सरकारी स्कूलों में सब विषयों की पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी को बना दिया जाए, यह अन्यायपूर्ण और अनैतिक विचार है । इससे बच्चे रट्टू तोते बन जाएँगे, वे दिमागी तौर पर बीमार हो जाएँगे ।
आपसे यह अपेक्षा है कि आप 11 हिंदी भाषी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रित करके उनसे निम्नलिखित विषयों पर सबको एक साथ बिठाकर निर्णय कराएँगे, जो विशाल हिंदी भाषी क्षेत्र की जनता के हित में होंगे :-
1. इंजीनियरी, विज्ञान, प्रबंधन, लेखा-कर्म, वास्तु-शास्त्र आदि सहित निजी महाविद्यालयों में हिंदी माध्यम की पुस्तकें तैयार कराना और हिंदी माध्यम में स्नातक स्तर की पढ़ाई । साथ-साथ उक्त महाविद्यालयों में सब फार्म और प्रशासनिक कामकाज हिंदी में कराने की व्यवस्था ।
2. हिंदी भाषी राज्यों में नौकरियों के लिए हिंदी माध्यम में शिक्षित युवाओं को वरीयता ।
3. राज्यों की जिन भर्तियों में अंग्रेजी का प्रश्न-पत्र अनिवार्य हो, वहाँ से अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त कराना ।
4. राज्यों के सब कार्यालयों में सरकारी कार्य हिंदी में कराने का सुदृढ़ तंत्र ।
5. राज्य में सब गैर-सरकारी प्रतिष्ठानों के नाम पट्टध्सूचना पट्ट किसी दूसरी भाषा के ऊपर अथवा पहले हिंदी में अनिवार्य करना जैसा कि कर्नाटक में कन्नड़ के लिए है ।
इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।
सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
संपादक