सुधार की राह पर आगे बढ़ें मौलवी ।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय:- सुधार की राह पर आगे बढ़ें मौलवी ।

महोदय,
श्री तुफैल अहमद ने मुस्लिम समाज की कुरीतियों और मुल्ला-मौलवियों की हठधर्मिता का बेबाक वर्णन किया है । कुछ प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं-
1. सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने से अन्य समुदायों के लोगों को परेशानी होती है, इसलिए जुम्मे और ईद की नमाज किश्तों में मस्जिदों में ही पढ़ी जाए ।
2. रेलगाड़ी अथवा बस रोककर नमाज पढ़ने से मुसलमानों के विरुद्ध घृणा पनपती है ।
हमारा अनुरोध है कि सरकार उन चालकोंध्अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का प्रावधान करे, जो ऐसा करके अनेक यात्रियों को कष्ट देते हैं ।
3. लाउडस्पीकर से अजान के बाद ही नमाज, नमाज मानी जाएगी, ऐसा कहीं इस्लाम में नहीं है, प्रातःकाल की अजान लाउडस्पीकर से न दी जाए ।
4. ईरान में मस्जिदों के लाउडस्पीकरों की ध्वनि को रात में कम रखने का कानून है ।
5. मदरसों में राज्य सरकारों से वित्तीय सहायता लेने के लिए सर्टिफिकेट बाँटने का काम हो रहा है और मदरसा बोर्डों में हेरा-फेरी ज्यादा होती है, इसलिए मदरसा बोर्ड खत्म कर दिए जाएँ ।
हमारा अनुरोध है कि सरकारें तत्काल इन बोर्डों को निरस्त करें ।
6. सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में मुसलमान अध्यापकों का होना जरूरी नहीं होना चाहिए ।
हमारा अनुरोध है कि सरकारें वांछित आदेश जारी करें ।
निवेदन है कि इन सब विषयों पर विचार करके शीघ्र कार्रवाई आरम्भ की जाए और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय समाप्त कर दिया जाए । इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री