महबूबा मुफ्ती के बेलगाम बोल ।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- महबूबा मुफ्ती के बेलगाम बोल ।

महोदय,
कृपया जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री सुश्री महबूबा मुफ्ती के बेलगाम वक्तव्यों की ओर ध्यान आकृष्ट करने की कृपा करेंः-
1. 28 जुलाई, 2017 को नई दिल्ली में महबूबा मुफ्ती ने चेतावनी दी कि अगर संविधान के अनुच्छेद 370 और 354 से छेड़छाड़ की गई तो कश्मीर में तिरंगा उठाने वाला कोई नहीं मिलेगा ।
2. 17 मार्च, 2017 को महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि राज्य के कुछ हिस्सों से अफस्पा कानून को हटा दिया जाए । उन दिनों सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी हो रही थी ।
3. 18 मार्च, 2017 को महबूबा मुफ्ती ने मुम्बई में कहा कि भारत को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ जाना चाहिए ।

उपयुर्क्त विषय में हमारा कहना है किः-
1. ऐसा क्या है कि महबूबा कुछ भी बयान (खतरनाक) देने के बावजूद पद पर काबिज हैं ?
2. उनकी सत्ता में टेक बनी भाजपा की कौन-सी मजबूरी है कि वह उन्हें ढ़ो रही है ?
3. भाजपा के समर्थन से सरकार चला रही महबूबा उसे मुँह चिढ़ाते हुए लक्ष्मण रेखा लाँघ रही हैं और भाजपाई मजबूरन धृतराष्ट्रवादी बनने को मजबूर हैं ?
4. लगता है कि भाजपा ने पीडीपी के समक्ष समर्पण कर दिया है ।
5. सन् 2003 में भारतीय गुप्तचर एजेंसियों ने महबूबा की हिज्बुल कमांडरों से नजदीकियाँ ताड़ ली थीं, अब महबूबा को यह मुगालता हो गया है कि कश्मीर में तिरंगा उनके हाथों का मोहताज बन गया है ।
निवेदन है कि उपर्युक्त प्रेक्षणों पर गहराई से गौर कराने की कृपा करें और यथोचित कार्रवाई कराने के बारे में भी शीघ्र निर्णय लेने का कष्ट करें ।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री