पर्सनल लॉ बोर्ड को गैर कानूनी घोषित करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय:- पर्सनल लॉ बोर्ड को गैर कानूनी घोषित करने की मांग।

महोदय,
पूर्णतः गैर-कानूनी और असंवैधानिक मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की भोपाल में हुई बैठक में हिन्दुस्थान के उच्चतम न्यायालय और केन्द्रीय सरकार को निम्नलिखित चेतावनियाँध्धमकियाँ दी गई हैं –
1. हमारा काम शरीयत की हिफाजत करना है । (खालिद फिरंगी महली)
2. शरीयत में कोर्ट का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । (वली रहमानी)
3. सत्ताधारी पार्टी हिन्दुओं और मुसलमानों को लड़ाकर सियासी फायदा उठाना चाहती है । (जफरयाब जिलानी)
4. हुकूमत धार्मिक मामलों में कानून न बनाए । (खालिद फिरंगी महली)
5. फैसले से (तीन तलाक पर उच्चतम न्यायालय का फैसला) महिलाओं का भला कैसे हो सकता है । (जलालउद्दीन उमरी)

भावार्थ यह है कि –
1. मुसलमान मुल्ला-मौलवी और गैर-कानूनी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमान माताओं और बहनों को प्रताड़नाओं से मुक्त नहीं करेंगे और न होने देंगे ।
2. तीन तलाक के समाप्त होने के पश्चात् भी मुस्लिम माताओं और बहनों का भला नहीं होने दिया जाएगा ।

निम्नलिखित निवेदनों पर शीघ्र निर्णय लेने की कृपा करें –
1. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को गैर कानूनी घोषित कर दिया जाए ।
2. तीन तलाक की समाप्ति के पश्चात् तलाक-ए-अहसन और तलाक-ए-हसन भी समाप्त कर दिए जाएँ ।
3. उच्चतम न्यायालय के निर्णय के पश्चात् मुस्लिम निकाह, तलाक, गुजारा भत्ता आदि विषयों पर केन्द्रीय कानून बना दिए जाएँ ।
4. सरकार को धमकियाँ देने वाले मुल्ला-मौलवियों पर कानून की धाराओं के तहत कार्रवाई आरम्भ की जाए, क्योंकि उक्त धमकियाँ बगावत के लक्षण हैं ।
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री