एयर इंडिया में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कर कड़ी कार्यवाही करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री अशोक गजपति राजू जी,
माननीय नागर विमानन मंत्री, भारत सरकार
राजीव गाँधी भवन, श्री अरविन्द मार्ग,
सफदरजंग हवाई अड्डे के निकट, नई दिल्ली

विषय :- एयर इंडिया में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कर कड़ी कार्यवाही करने की मांग।

महोदय,
समाचारों से यह स्पष्ट हुआ है कि संप्रग सरकार ने एयर इंडिया के लिए 50 चौड़ी बॉडी के और इंडियन एयरलाइन्स के लिए 43 कम चौड़े विमान खरीदने का निर्णय लिया था । चौड़ी बॉडी वाले विमानों का सौदा 33,200 करोड़ रूपये का और कम चौड़े विमानों का सौदा 8,400 करोड़ रूपये का था । नियंत्रक और महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार यह अनुमान बेहद गलत था, क्योंकि चौड़ी बॉडी के 50 विमानों की बजाय केवल 10 काफी थे । इस प्रकार तत्कालीन नागर विमानन मंत्री के संदेहास्पद निर्णय के कारण दोनों विमानन कम्पनियों को और सरकार को हजारों करोड़ रूपये का घाटा हुआ, जो सन् 2009 तक बढ़कर 13,326 करोड़ रूपये का हो गया । दोनों कम्पनियों का विलय कर दिया गया और नागर विमानन मंत्री सहित उनके अनेक सहायक सरकारी विमानन कम्पनियों को बर्बाद करके निजी विमानन कम्पनियों को लाभ पहुँचाते रहे और भगवान् झूठ न बुलवाएँ तो हजारों करोड़ रूपये डकार गए जिसकी चर्चा उन दिनों वायुमंडल में घूमती रही ।
अब यह आवश्यक है कि उक्त घोटाले की पूरी जाँच हो और यथाशीघ्र अगले कुछ महीनों में ही घोटालेबाजों को पकड़कर दंडित किया जाए, उनके घरों में छापे मारे जाएँ और उनकी सम्पत्तियाँ जब्त कर ली जाएँ ।

सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री