अल्पसंख्यकों के लिए नवोदय जैसे विशेष स्कूल खोलने के निर्णय को निरस्त करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- अल्पसंख्यकों के लिए नवोदय जैसे विशेष स्कूल खोलने के निर्णय को निरस्त करने की मांग।

महोदय,
मीडिया समाचारां से यह अभिव्यंजित हो रहा है कि वर्तमान केन्द्रीय सरकार कांग्रेस, (जो लगभग मुस्लिम लीग बन गई है) की राह पर चल पड़ी है । कांग्रेस ने सदा मुसलमानों के पक्ष में काम किया है, यहाँ तक कि प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी ने तो घोषणा कर दी थी कि देश के संसाधनों पर मुस्लिमों का पहला अधिकार है । नवोदय विद्यालय की तर्ज पर अल्पसंख्यकों के लिए सरकारी स्कूल खोलने का निर्णय भी तुष्टिकरण और अलगाववाद की पराकाष्ठा है । 105 ऐसे स्कूल आग में घी का काम करेंगे जैसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और उसकी अलग 5 शाखाएँ खोलने का निर्णय भी आग में घी का काम करेगा ।
अच्छा यह होगा कि सबके लिए खुले वर्तमान सरकारी विद्यालयों में मुसलमान लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटों का प्रावधान कर दिया जाए, जिससे उनमें शिक्षा का प्रसार हो और उन मुसलमान लड़कियों का अन्य हिन्दू लड़कियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान हो और दृष्टिकोण व्यापक हो जाए । विश्वास है कि इस निर्णय पर शीघ्र पुनर्विचार करके इसे निरस्त कर दिया जाएगा और अलगाववाद को समाप्त करने के लिए नए ढंग पर कार्य किया जाएगा ।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)  राष्ट्रीय महासचिव