अखिल भारत हिन्दू महासभा सहित सभी पक्षाकार संगठनों के प्रमुख पदाधिकारीयों को राममंदिर निर्माण व रखरखाव के लिये बनने वाले ट्रस्ट में सम्मिलित किया जायें, कारसेवकों पर किये गये मुकदमे वापस हों तथा मुस्लिम पक्षकारों के लिये स्थान 84 कोसी परिक्रमा से बाहर दी जाये-अखिल भारत हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 15 नवम्बर 2019

आज पार्टी मुख्यालय हिन्दू महासभा भवन, मंदिर मार्ग, नई दिल्ली में अखिल भारत हिन्दू महासभा के पदाधिकरियों ने श्रीराम जन्मभूमि पर राममंदिर के निर्माण के लिये उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय पर अखिल भारत हिन्दू महासभा का पक्ष रखने व आगामी योजना की जानकारी देने के लिये एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाष कौषिक, राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा, एडवोकेट बरूण कुमार सिंहा, राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेष त्यागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. राकेष रंजन एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोषी ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए अखिल भारत हिन्दू महासभा की आगामी योजना से अवगत कराया तथा संगठन का विचार प्रकट किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाष कौषिक ने कहा कि हिन्दू महासभा 1934 से ही श्रीराम जन्मभूमि पर राममंदिर के निर्माण के लिये संघर्ष कर रही है। भाई परमानन्द एवं वीर सावरकर ने राममंदिर निर्माण की लड़ाई का नेतृत्व किया था एवं पंच श्रीरामानन्दीय निर्मोही अखाड़ा की लड़ाई का पूर्ण समर्थन किया था। मंहत दिग्विजयनाथ के संघर्ष के उपरान्त विवादित ढांचे में रामलला प्रकट हुए थे। परिणामस्वरूप हिन्दू महासभा के छः नेताओं पर मुकदमा चला एवं उन्हें जेल जाना पड़ा था। फैजाबाद न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय का लखनऊ बेंच एवं उच्चतम न्यायालय में हिन्दू महासभा ने रामलला विराजमान की ओर से मजबूती से मुकदमा लड़ा और श्रीरामजन्मभूमि पर राममंदिर के निर्माण का रास्ता प्रषस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि हिन्दू महासभा के योगदान को देखते हुए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाष कौषिक, राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा, उच्चतम न्यायालय में हिन्दू महासभा का पक्ष रखने वाले एडवोकेट बरूण कुमार सिंहा, राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेष त्यागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. राकेष रंजन एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोषी को सरकार द्वारा गठित होने वाले श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में ट्रस्टी बनाया जाये। उन्होंने कहा कि 18 नवंबर को हिन्दू महासभा भवन में आगे की रणनीति बनाने के लिये सभी हिन्दू पक्षकारों की बैठक आयोजित की जायेगी।

राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह एवं उत्तरप्रदेष के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से मांग की है कि श्रीराम जन्मभूमि पर राममंदिर के निर्माण के लिये संघर्ष करने वाले अखिल भारत हिन्दू महासभा सहित सभी पक्षकार संगठनों के पदाधिकारों को श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट में ट्रस्टी बनाया जाये। तथा संघर्ष करने वाले सभी कारसेवकों पर चल रहे मुकदमे शीघ्र वापस लिये जायें उन्होंने घोषणा किया कि अन्य प्रमुख मंदिरों, जिन्हें तोड़ कर मस्जिद बनाई गई थी, पर उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय के विरूद्व उच्चतम न्यायालय में हिन्दू महासभा पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर एवं काषी विष्वनाथ मंदिर का निर्माण शीघ्र होना चाहिए।
एडवोकेट बरूण कुमार सिंहा ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि मुस्लिम पक्षकारों के पास श्रीरामजन्मभूमि के मालिकाना हक का कोई प्रमाण नहीं था। ऐसे मंे उच्चतम न्यायालय ने सरकार को राममंदिर का निर्माण कराने व मंदिर निर्माण व रखरखाव के लिये श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट का गठन करने का आदेष देकर एक ऐतिहासिक निर्णय दिया है।
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेष त्यागी ने मांग की है कि मंदिर निर्माण के संघर्ष में अपनी जान गंवानेवाले सभी कारसेवकों को शहीद का दर्जा दिया जाये तथा उनके परिवार को उचित मुआवजा दिया जाये। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. राकेष रंजन ने सरकार से जानगंवाने वाले कारसेवकों के लिये अयोध्या में स्मारक बनाने की मांग की है। राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोषी ने कहा कि सरकार अधिग्रहित 67.77 एकड़ मंे से एक इंच भी जगह मुस्लिम पक्षों को न दी जाये। उन्होंने कहा कि अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा से बाहर ही कोई जगह मस्जिद के लिये दी जाये।

(मुन्ना कुमार शर्मा) (वीरेष त्यागी)
राष्ट्रीय महामंत्री राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री